सरसों में फूल आना मतलब फसल ने अब दाना बनाना शुरू कर दिया है. यहीं से आपकी असली कमाई तय होती है — कितने दाने बनेंगे, दाना कितना भरेगा, फली कितनी गिरेगी और आखिर में कुंटल कितना उठेगा.
इसी स्टेज पर boron डालना बहुत बड़ा फर्क लाता है. किसान कई बार NPK, sulphur, urea पर ध्यान देते हैं, लेकिन boron को ignore कर देते हैं. Result: फली रह जाती है खाली या आधी भरी।
अब हम यह समझते हैं step-by-step, simple भाषा में:
1. Boron काम क्या करता है सरसों में?
Boron एक micronutrient है. Plant को बहुत कम मात्रा में चाहिए, लेकिन वही कम मात्रा अगर कमी में हो जाए तो पूरा yield नीचे चला जाता है.
सरसों (mustard / rapeseed) में boron के main काम ये हैं:
परागण (pollination) strong बनाना
फूल से दाना बनने के लिए पहले सही तरीके से pollination होना चाहिए. Boron pollen tube को grow होने में मदद करता है. इसका मतलब है फूल सही तरीके से fertilize होता है और बाद में दाना properly set होता है.
फली बनना और टिकना
सरसों में pod (फली) बनती है. अगर boron की कमी है तो बहुत सारे फूल तो दिखेंगे, पर फली ठीक से set नहीं होगी या छोटी रह जाएगी या जल्दी सूखकर गिर जाएगी.
दाना भरना (seed filling)
Boron helps nutrients को फली तक ले जाने में. बिना boron, फली रहती है पर अंदर दाना पतला/सुक्खा रहता है. किसान बोलते हैं “फली तो बनी है, वजन नहीं आ रहा” — ये classic boron deficiency वाला लक्षण है.
फटी/टूटी फली कम करना
कम boron = कमजोर walls. Pod फटने लगती है, दाना गिर जाता है. मतलब सीधा नुकसान.
सीधी भाषा में:
बोरॉन का काम है “फूल से फली तक, और फली से भरे हुए दाने तक ले जाना।”
2. Boron फूलों के टाइम ही क्यों डालते हैं? पहले या बाद में क्यों नहीं?
बहुत important point है.
बोरॉन बहुत देर से डालोगे (जब फली बन चुकी है)
तब फली को structure तो मिल जाएगा थोड़ा, पर जो दाना set होना था वो set हो चुका होता है.
Late spray सिर्फ आंशिक काम करेगा, पूरा फायदा नहीं देगा.
बहुत जल्दी डाल दोगे (सिर्फ शुरुआती बढ़त वाले स्टेज पर)
तब पौधा उस समय ज्यादा leafy growth में होता है, अभी reproduction (फूल → दाना) चालू नहीं हुआ है.
उस टाइम boron use हो भी सकता है, लेकिन उसका सबसे बड़ा फायदा reproduction वाले स्टेज में मिलता है.
इसलिए सही time होता है:
जब खेत में सरसों full bud stage / early flowering stage में आ रही है (यानि फूल निकल रहे हैं या अभी-अभी शुरू हुए हैं).
क्योंकि ये वो स्टेज है जहां plant कह रहा है “अब मैं दाना बनाऊंगा,” और boron वहीं support करता है.
तुम इसको ऐसे समझो:
अगर तुमने बोरोन सही टाइम पर दिया → ज्यादा फूल successfully दाना में बदलेंगे → ज्यादा फली टिकी रहेगी → दाना मोटा भरेगा।
3. Boron की कमी दिखती कैसे है सरसों में?
कमी दिखने के कुछ common लक्षण:
- फूल बहुत हैं लेकिन फली कम set हो रही है
- जो फली बन रही है वो पतली, छोटी और मुड़ी-तुड़ी (twisted / deformed) दिखती है
- फली अंदर से खाली रह जाती है या बहुत कम दाने हैं
- टॉप वाले हिस्से पर नए शूट टेढ़े मुड़े हुए दिखते हैं (brittle / टूटने जैसे)
- कुछ जगहों पर पौधा कमजोर दिखेगा भले खाद सब दिया हो
कई किसान बोलते हैं “पौधा अच्छा था, लेकिन उपज कम निकली” — ये अक्सर boron और sulphur दोनों से जुड़ा केस होता है. सरसों एक high sulphur crop भी है, और micronutrients की कमी जल्दी पकड़ में नहीं आती जब तक कटाई न हो जाए. इसलिए preventive देना बेहतर है, ना कि बाद में पश्चाताप करना.
4. केवल NPK नहीं, boron भी क्यों ज़रूरी है?
ज्यादातर खेतों में किसान NPK (या DAP + urea) डालते हैं. ये सही है, ये major food है पौधे का.
लेकिन:
NPK mainly देता है nitrogen (हरी बढ़त), phosphorus (जड़ और energy), potassium (overall balance / stress handling).
लेकिन reproduction process (flower → pod → seed) बहुत sensitive होती है छोटे nutrients पर भी जैसे boron, zinc, molybdenum वगैरह.
मतलब ये नहीं कि “NPK गलत है”,
मतलब ये है कि “सिर्फ NPK काफी नहीं है” — खासकर सरसों जैसी oilseed फसल के लिए.
5. क्या boron हर खेत में डालना चाहिए या सिर्फ कमजोर जमीन में?
कड़वा सच:
भारत के बहुत से खेतों में, खासकर रेतीली / हल्की मिट्टी, लगातार एक ही जमीन पर सरसों, चना, गेहूं घुमाने वाले खेतों में micronutrient कमी बहुत common है। Boron पानी में घुलकर नीचे चला भी जाता है (leaching), तो sandy / हल्की जमीन में ये और जल्दी कम पड़ता है.
तो हाँ — हल्की मिट्टी, कम organic matter वाली मिट्टी, या जहां पहले भी फली पतली आई थी → वहाँ ये लगभग must है.
अगर तुम्हारे खेत में पिछले साल सरसों में फली बनी थी लेकिन दाना हल्का था और वजन नहीं आया था, तो इस साल flowering के टाइम boron spray करना समझदारी है.
6. Spray कैसे करते हैं (general practical तरीका)
(Exact ml per litre हमेशा product के लेबल से लो. नीचे सिर्फ general guidance है समझाने के लिए.)
- साफ पानी लो (कठोर/खारा पानी से micronutrient का असर कभी-कभी कम हो जाता है)
- Boron-based foliar micronutrient (जो सरसों / oilseed के लिए दिया जाता है) को recommended मात्रा के हिसाब से पानी में मिलाओ
- अच्छी तरह घोल लो — कोई ठोस हिस्सा तल में न बचा रहे
- Fine mist वाले nozzle से पत्तियों और फूल वाले हिस्से पर समान coverage दो
- तुम्हारा लक्ष्य है उभरते हुए फूल और young pod area तक पहुंचाना
- धूप की तेज़ गर्मी में मत छिड़को, आम तौर पर सुबह का time या हल्की शाम बेहतर होता है
बहुत ज़रूरी:
“थोड़ा ज़्यादा डालेंगे तो और अच्छा होगा” ये सोच मत करना. Micronutrient की ओवरडोज़ भी नुकसान दे सकती है.
अगर तुम already किसी pesticide / fungicide के साथ टैंक मिक्स करना चाहते हो, पहले compatibility देखो. Sab kuch ek tank me मिला देना हमेशा सही नहीं है.
7. क्या इससे सीधा production बढ़ता है?
सरल जवाब: हाँ, लेकिन indirectly.
Boron कोई जादुई टॉनिक नहीं है जो सिर्फ डालते ही “double पैदावार” दे दे.
ये करता क्या है? ये नुकसान रुकवाता है.
- फली गिरने से रोकता है
- खाली फली होने से रोकता है
- दाना पतला रहने से रोकता है
- दाने को भरने में मदद करता है ताकि वजन अच्छा आए
तो actual effect ये है कि जो potential तुम्हारी फसल के अंदर पहले से है, उसको बचाता है. और वही final क्विंटल प्रति एकड़ में दिखता है.
8. क्या ये सिर्फ हाई-ब्रीड (hybrid) सरसों के लिए ज़रूरी है?
Hybrid varieties / high-yield lines में demand ज़्यादा रहती है क्योंकि ये पौधे ज़्यादा output देने की कोशिश करते हैं. ज़्यादा output मतलब ज़्यादा micronutrient की जरूरत.
तो हाँ,
- High-performing, high-potential बीजों में boron spray का फायदा और भी साफ दिखता है
- लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि desi / local / OP variety को इसकी ज़रूरत नहीं है. हर सरसों reproductive stage पर boron use करती है.
अगर आप high-performing mustard hybrid लगा रहे हो (जैसे branded hybrid seeds), तो flowering stage पर foliar boron को skip करना अक्सर गलती साबित होती है.
तुम चाहो तो अलग-अलग बीज भी देख सकते हो. उदाहरण के लिए high-performance सरसों के बीज जो ज़्यादा oil content और ज्यादा pod set के लिए उगाए जाते हैं, जैसे Pioneer टाइप hybrid lines. ऐसे बीज लेने से पहले किसान अक्सर पूछते हैं “इसमें spray schedule क्या रखना है?” — यहीं boron वाला point आता है.
👉 High-yield hybrid category ka example देखना है?
आप यहां से high-performing सरसों के hybrid seeds का आइडिया ले सकते हो: Pioneer 45S46 F1 type mustard hybrid
इस तरह की hybrid लाइन का फायदा तभी पूरा मिलता है जब nutrition और micronutrient proper दिया जाए.
और अगर आप अभी सरसों के बीज ढूंढ रहे हो अगले सीज़न के लिए, तो अलग-अलग सरसों varieties एक ही जगह देखना आसान है: Mustard / सरसों के बीज (variety list)
9. जल्दी याद रखने वाला “farmer summary”
सरसों जब फूल दे रही है = फसल बच्चा नहीं, अब दाना बना रही है
इसी टाइम boron सबसे ज्यादा काम आता है
Boron की कमी से:
- फली बन ही नहीं पाती
- फली बनती है पर अंदर खाली रहती है
- फली जल्दी गिर जाती है / फट जाती है
- वजन कम आता है
सही टाइम पर हल्का foliar boron देने से:
- फूल से फली में conversion बेहतर होता है
- दाना अच्छी तरह भरता है
- फली टूटने-गिरने का जोखिम कम होता है
- कुल क्विंटल/एकड़ stable और भरोसेमंद बनता है
एक लाइन में:
Boron is not for making the plant look green. Boron is for making sure every flower turns into filled grain.
यानी यही पैसा है 💰
अंतिम नोट
हर product का dose अलग होता है, पानी की मात्रा अलग होती है, और कुछ formulations tank mix के लिये safe नहीं होते. इसलिए हमेशा label पढ़कर या trusted source से confirm करके ही spray करो. Overdose “ज़्यादा फायदा” नहीं देता, कभी-कभी उल्टा जलन भी दे देता है.
Disclaimer:
The details provided are for informational guidance only. Always adhere to the recommended application instructions as stated on the product label and in the accompanying leaflet.