षण्मुख वीएएम गोल्ड डी एंडो-माइकोराइजल जैव उर्वरक
षण्मुख वीएएम गोल्ड डी एक पानी में घुलनशील एंडो-माइकोराइजल जैव उर्वरक है, जिसे आधुनिक इन-विट्रो रूट ऑर्गन कल्चर तकनीक से विकसित किया गया है। इसमें परिपक्व और जीवित एंडो-माइकोराइजल फफूंद के बीजाणु होते हैं। ये लाभकारी फफूंद पौधों की जड़ों के साथ सहजीवी संबंध बनाते हैं और मिट्टी में जड़ों से आगे तक महीन तंतुओं का जाल विकसित करते हैं। इससे पौधों को पानी और आवश्यक पोषक तत्व प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
वीएएम गोल्ड डी का उद्देश्य जड़ों के विकास, फॉस्फोरस और सूक्ष्म पोषक तत्वों के अवशोषण तथा पौधों की सामान्य वृद्धि में सहायता करना है। लाभकारी माइकोराइजा और जड़ों के बीच संबंध बनने से पौधे मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग कर सकते हैं। अनुकूल परिस्थितियों में यह सूखा, लवणता और अन्य पर्यावरणीय तनाव को सहन करने की क्षमता में भी योगदान दे सकता है। कंपनी इसे विभिन्न कृषि और बागवानी फसलों के लिए अनुशंसित करती है।
Product Details
| ब्रांड | षण्मुख एग्रीटेक |
|---|---|
| उत्पाद का नाम | वीएएम गोल्ड डी |
| उत्पाद का प्रकार | एंडो-माइकोराइजल जैव उर्वरक |
| जैविक घटक | परिपक्व और जीवित एंडो-माइकोराइजल फफूंद के बीजाणु |
| उत्पादन तकनीक | इन-विट्रो रूट ऑर्गन कल्चर |
| फॉर्मूलेशन | पानी में घुलनशील |
| मुख्य कार्य | जड़ों के विकास और पोषक तत्वों के अवशोषण में सहायता |
| प्रमुख पोषण लाभ | फॉस्फोरस और अन्य पोषक तत्वों की उपलब्धता में सहायता |
| अनुशंसित मात्रा | मिट्टी में प्रयोग के लिए 250 ग्राम प्रति एकड़ |
| प्रयोग विधि | मिट्टी में बिखेरकर प्रयोग; ड्रिप विधि की पुष्टि आवश्यक |
| अनुशंसित फसलें | कंपनी के अनुसार सभी प्रकार की फसलें, जैविक अनुकूलता के अधीन |
| निर्माता | षण्मुख एग्रीटेक लिमिटेड |
वीएएम गोल्ड डी के मुख्य फायदे
- आधुनिक इन-विट्रो तकनीक: जीवित एंडो-माइकोराइजल बीजाणुओं को रूट ऑर्गन कल्चर तकनीक से विकसित किया गया है।
- जड़ों के विकास में सहायता: जड़ों की वृद्धि, फैलाव और कार्यक्षमता बेहतर बनाने में योगदान देता है।
- फॉस्फोरस अवशोषण में सहायता: माइकोराइजा के महीन तंतु जड़ों के आसपास की मिट्टी से आगे तक पहुंचकर फॉस्फोरस उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।
- सूक्ष्म पोषक तत्वों का उपयोग: मिट्टी में मौजूद कुछ सूक्ष्म पोषक तत्वों तक पौधों की पहुंच बढ़ा सकता है।
- पानी के अवशोषण में सहायता: फफूंद के तंतुओं का जाल पौधों की जड़ों की प्रभावी पहुंच बढ़ाता है।
- तनाव सहनशीलता: स्थापित माइकोराइजा संबंध सूखा, लवणता और अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों में पौधों को सहारा दे सकते हैं।
- मिट्टी की जैविक गतिविधियों में सहायता: पौधों की जड़ों और लाभकारी फफूंद के बीच प्राकृतिक संबंध को बढ़ावा देता है।
- स्वस्थ पौध विकास: बेहतर पोषक तत्व और पानी की उपलब्धता सामान्य फसल वृद्धि में सहायक हो सकती है।
वीएएम माइकोराइजा क्या है?
वीएएम का अर्थ वेसिकुलर आर्बस्कुलर माइकोराइजा है। यह पौधों की जड़ों और कुछ लाभकारी मिट्टी के फफूंदों के बीच बनने वाला सहजीवी संबंध है।
ये फफूंद अनुकूल पौधों की जड़ों से जुड़कर मिट्टी में महीन तंतु विकसित करते हैं। इन तंतुओं को हाइफी कहा जाता है। ये जड़ों की सामान्य पहुंच से आगे जाकर पानी और पोषक तत्व प्राप्त करने में सहायता करते हैं।
इसके बदले पौधे प्रकाश संश्लेषण द्वारा बने कार्बोहाइड्रेट का एक भाग फफूंद को उपलब्ध कराते हैं। यह दोनों जीवों के लिए लाभकारी संबंध होता है।
माइकोराइजा विशेष रूप से फॉस्फोरस के अवशोषण में महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि मिट्टी में फॉस्फोरस की गति अपेक्षाकृत धीमी होती है।
षण्मुख वीएएम गोल्ड डी कैसे काम करता है?
- बीजाणुओं की स्थापना: उत्पाद में मौजूद जीवित माइकोराइजा बीजाणु पौधों की जड़ों के आसपास उपयुक्त मिट्टी में पहुंचते हैं।
- जड़ों के साथ संबंध: अनुकूल परिस्थितियों में लाभकारी फफूंद पौधों की जड़ों के साथ सहजीवी संबंध बनाते हैं।
- महीन तंतुओं का विकास: फफूंद के तंतु जड़ों के आसपास की मिट्टी में दूर तक फैलते हैं।
- पोषक तत्वों का अवशोषण: यह जाल फॉस्फोरस और कुछ अन्य पोषक तत्वों तक पौधों की पहुंच बढ़ाता है।
- पानी की उपलब्धता: मिट्टी के अधिक हिस्से तक पहुंच होने से पानी के अवशोषण में सहायता मिल सकती है।
- स्वस्थ पौध विकास: जड़ों की बेहतर कार्यक्षमता और उचित पोषण सामान्य पौध विकास को सहारा देते हैं।
किन फसलों में उपयोगी है?
षण्मुख एग्रीटेक की वेबसाइट पर वीएएम गोल्ड डी को सभी प्रकार की फसलों के लिए अनुशंसित बताया गया है। माइकोराइजा का उपयोग सामान्यतः कई कृषि और बागवानी फसलों में प्रासंगिक होता है, जैसे:
- अनाज: धान, गेहूं, मक्का और ज्वार।
- दलहनी फसलें: चना, अरहर, मूंग और उड़द।
- तिलहनी फसलें: सोयाबीन, मूंगफली और सूरजमुखी।
- सब्जियां: टमाटर, मिर्च, बैंगन, भिंडी, प्याज और आलू।
- फलदार फसलें: केला, आम, नींबू वर्गीय फल, अंगूर और अनार।
- व्यावसायिक फसलें: कपास और गन्ना।
- बागवानी फसलें: फूलों की खेती, नर्सरी और उपयुक्त बागवानी पौधे।
माइकोराइजा सभी पौधों की प्रजातियों के साथ समान रूप से संबंध नहीं बनाते। उदाहरण के लिए, ब्रैसिका समूह की कई फसलें सामान्य आर्बस्कुलर माइकोराइजा संबंध नहीं बनातीं। इसलिए प्रत्येक फसल में समान लाभ की गारंटी नहीं मानें।
खाद की मात्रा और प्रयोग विधि
कंपनी द्वारा बताई गई मिट्टी में प्रयोग की मात्रा: 250 ग्राम प्रति एकड़।
मिट्टी में बिखेरकर प्रयोग
- एक एकड़ के लिए 250 ग्राम षण्मुख वीएएम गोल्ड डी लें।
- कंपनी के निर्देशों के अनुसार उपयुक्त मात्रा में जैविक खाद या अनुकूल उर्वरक के साथ अच्छी तरह मिलाएं।
- मिश्रण को निर्धारित खेत क्षेत्र में समान रूप से बिखेरें।
- जहां संभव हो, उत्पाद को विकसित होती जड़ों के आसपास पहुंचाने का प्रयास करें।
- प्रयोग के बाद मिट्टी में उपयुक्त नमी बनाए रखें।
ड्रिप सिंचाई द्वारा प्रयोग
कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर ड्रिप सिंचाई को प्रयोग विधि में शामिल किया है, लेकिन ड्रिप के लिए अलग घोल बनाने, पानी की मात्रा या इंजेक्शन प्रक्रिया के स्पष्ट निर्देश नहीं दिए हैं। वहां मिट्टी में बिखेरने वाली विधि दोहराई गई है।
इसलिए ड्रिप सिस्टम में प्रयोग से पहले सही पानी की मात्रा, फिल्टर संबंधी आवश्यकता और ड्रिप विधि की पुष्टि षण्मुख एग्रीटेक से करें।
प्रयोग करने का सही समय
माइकोराइजा का प्रयोग सामान्यतः फसल की शुरुआती जड़ विकास अवस्था में, बुवाई या रोपाई के आसपास उपयोगी होता है। इस समय बीजाणुओं का सक्रिय जड़ों के संपर्क में आना आसान हो सकता है।
प्रयोग का वास्तविक समय फसल और निर्माता की सिफारिश के अनुसार निर्धारित करें। लाभकारी फफूंद की स्थापना के लिए मिट्टी में उपयुक्त नमी और अनुकूल परिस्थितियां आवश्यक हैं।
महत्वपूर्ण सावधानियां
- मूल उत्पाद लेबल पर निर्धारित मात्रा और प्रयोग विधि का पालन करें।
- उत्पाद को लंबे समय तक सीधी धूप, अत्यधिक गर्मी या नमी में न रखें।
- प्रयोग के बाद मिट्टी में उपयुक्त नमी बनाए रखें।
- रासायनिक खाद, कीटनाशक या फफूंदनाशक के साथ मिलाने से पहले अनुकूलता जांचें।
- कुछ फफूंदनाशक और मिट्टी उपचार लाभकारी माइकोराइजा को प्रभावित कर सकते हैं।
- इसे कीटों या फफूंद जनित रोगों के सीधे नियंत्रण की दवा न मानें।
- यह संपूर्ण फसल पोषण कार्यक्रम का विकल्प नहीं है।
- उत्पाद को मूल पैकिंग में रखें और निर्धारित समाप्ति तिथि से पहले उपयोग करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. षण्मुख वीएएम गोल्ड डी क्या है?
यह जीवित एंडो-माइकोराइजल फफूंद बीजाणुओं वाला जैव उर्वरक है, जिसे इन-विट्रो रूट ऑर्गन कल्चर तकनीक से विकसित किया गया है।
2. वीएएम गोल्ड डी का मुख्य फायदा क्या है?
यह पौधों की जड़ों के साथ लाभकारी माइकोराइजा संबंध बनाने, जड़ों की कार्यक्षमता, फॉस्फोरस और अन्य पोषक तत्वों के अवशोषण तथा पानी की उपलब्धता में सहायता कर सकता है।
3. एक एकड़ में वीएएम गोल्ड डी कितना डालना चाहिए?
कंपनी के अनुसार मिट्टी में प्रयोग के लिए 250 ग्राम प्रति एकड़ की मात्रा बताई गई है।
4. क्या वीएएम गोल्ड डी ड्रिप सिंचाई में उपयोग किया जा सकता है?
कंपनी ने ड्रिप सिंचाई का उल्लेख किया है, लेकिन वेबसाइट पर अलग स्पष्ट ड्रिप विधि उपलब्ध नहीं है। प्रयोग से पहले सही प्रक्रिया की पुष्टि करें।
5. क्या वीएएम गोल्ड डी जड़ों का विकास बढ़ाने में सहायक है?
हां। कंपनी ने जड़ों के बेहतर विकास और पोषक तत्व अवशोषण को इसके प्रमुख लाभों में शामिल किया है।
6. क्या यह रासायनिक खाद की जगह इस्तेमाल हो सकता है?
नहीं। वीएएम गोल्ड डी मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों तक पौधों की पहुंच बेहतर बनाने में मदद करता है, लेकिन फसल की संपूर्ण पोषण आवश्यकता को अकेले पूरा नहीं करता।
7. क्या वीएएम गोल्ड डी कीटनाशक है?
नहीं। यह जैव उर्वरक है। माइकोराइजा पौधों की प्राकृतिक सहनशीलता में योगदान दे सकता है, लेकिन इसे पंजीकृत कीटनाशक या फफूंदनाशक का विकल्प नहीं मानें।
8. क्या वीएएम गोल्ड डी और वीएएम गोल्ड डी ग्रेन्यूल्स एक ही उत्पाद हैं?
नहीं। कंपनी दोनों को अलग फॉर्मूलेशन और अलग खुराक वाले उत्पादों के रूप में सूचीबद्ध करती है।
अस्वीकरण: इस विवरण में दी गई संरचना, फायदे और मिट्टी में प्रयोग की मात्रा षण्मुख एग्रीटेक की आधिकारिक जानकारी पर आधारित हैं। कंपनी की वेबसाइट पर इस फॉर्मूलेशन के जीवित बीजाणुओं की सटीक संख्या और अलग ड्रिप प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है। परिणाम फसल की अनुकूलता, मिट्टी, नमी और जड़ों में माइकोराइजा की स्थापना पर निर्भर करते हैं। उपयोग से पहले मूल उत्पाद लेबल और कृषि विशेषज्ञ की सलाह का पालन करें।
षण्मुख वीएएम गोल्ड डी एंडो-माइकोराइजल जैव उर्वरक के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
षण्मुख वीएएम गोल्ड डी एंडो-माइकोराइजल जैव उर्वरक की कीमत क्या है?
KisanShop पर षण्मुख वीएएम गोल्ड डी एंडो-माइकोराइजल जैव उर्वरक की कीमत Rs. 799 (250 ग्राम) से शुरू होती है। अंतिम कीमत आपके चुने गए पैक साइज़ पर निर्भर करती है।
षण्मुख वीएएम गोल्ड डी एंडो-माइकोराइजल जैव उर्वरक के कौन-से पैक साइज़ उपलब्ध हैं?
250 ग्राम, 250 gm x 2, 250 gm x 5, 250 gm x 10. Select the size you need on the product page.
षण्मुख वीएएम गोल्ड डी एंडो-माइकोराइजल जैव उर्वरक कौन-सा ब्रांड बनाता है?
षण्मुख वीएएम गोल्ड डी एंडो-माइकोराइजल जैव उर्वरक Shanmukha Agritech Limited का उत्पाद है, जो KisanShop पर ऑनलाइन खरीदने के लिए उपलब्ध है।
भुगतान के कौन-से विकल्प उपलब्ध हैं?
आप UPI, डेबिट या क्रेडिट कार्ड से, या कैश ऑन डिलीवरी (COD, आपके पिनकोड पर उपलब्धता के अनुसार) से भुगतान कर सकते हैं।
क्या मैं षण्मुख वीएएम गोल्ड डी एंडो-माइकोराइजल जैव उर्वरक वापस कर सकता/सकती हूं?
हां। KisanShop 48 घंटे में आसान रिटर्न देता है। अगर आपको गलत, टूटा या खराब उत्पाद मिले तो हम उसे बदल देंगे।
डिलीवरी में कितना समय लगता है?
KisanShop तेज़ और भरोसेमंद डिलीवरी देता है। सही समय आपके पिनकोड पर निर्भर करता है।
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